:
Breaking News

देशभर में बदला मौसम, कहीं बारिश-बर्फबारी तो कहीं तेज गर्मी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रभाव से देशभर में मौसम बदला। पहाड़ों में बर्फबारी, कई राज्यों में बारिश-आंधी और महाराष्ट्र-गुजरात में तेज गर्मी का असर।

weather-update-rain-snowfall-heatwave-india नई दिल्ली: देश के मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। उत्तर के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश ने ठंडक बढ़ा दी है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बादल, बूंदाबांदी, तेज हवाएं और वज्रपात का असर देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम के इस बदले हुए और दोहरे मिजाज ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में यह बदलाव मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ऊपरी हवा में बने दबाव तंत्र के कारण देखा जा रहा है। इन मौसमीय प्रणालियों का असर उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और कुछ पश्चिमी हिस्सों में साफ दिखाई दे रहा है। कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, तो कहीं आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं दक्षिण और पश्चिम के कुछ हिस्सों में तापमान तेजी से चढ़ने लगा है।

उत्तर भारत में मौसम का असर सबसे ज्यादा पहाड़ी और आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कई जगहों पर गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब होने से यात्रा और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है, जबकि अचानक तापमान गिरने से ठंड का असर भी बढ़ सकता है।

मैदानी उत्तर भारत में भी मौसम ने लोगों को चौंकाया है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे दिन के तापमान में गिरावट और मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है। हालांकि यह बदलाव अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन इससे गर्मी की शुरुआत पर कुछ समय के लिए ब्रेक जरूर लगेगा।

यह भी पढ़ें: मौसम अपडेट, बारिश और आंधी से जुड़े सभी बड़े अलर्ट

मध्य भारत में भी मौसम का रुख पूरी तरह स्थिर नहीं है। छत्तीसगढ़, विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। यहां बारिश बहुत ज्यादा तीव्र नहीं होगी, लेकिन तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासतौर पर खेतों में काम कर रहे लोगों और खुले इलाकों में रहने वालों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी हो सकती है।

महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में मौसम का दूसरा चेहरा देखने को मिल रहा है। जहां देश के कई हिस्सों में बारिश और ठंडक है, वहीं इन राज्यों में तापमान लगातार ऊपर जा रहा है। महाराष्ट्र के कुछ शहरों में पारा तेजी से बढ़ा है और अकोला जैसे इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। गुजरात के कई हिस्सों में भी गर्मी का असर तेज हो रहा है। इस बढ़ती गर्मी ने यह संकेत देना शुरू कर दिया है कि आने वाले दिनों में लू जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।

दक्षिण भारत में भी मौसम राहत देने के बजाय परेशानी बढ़ाने वाला बना हुआ है। केरल, कोंकण और कुछ तटीय क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे मौसम में शरीर जल्दी थकता है, पसीना अधिक आता है और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में लोगों को दिन के समय धूप में कम निकलना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय और उग्र रूप में देखने को मिल रहा है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक लगातार आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इन राज्यों में हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इससे पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली बाधित होने और कुछ क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का प्रभाव गंभीर रूप ले सकता है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश की स्थिति में जलभराव, भूस्खलन और खेतों में नुकसान जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि यह बारिश गर्मी से राहत दे सकती है, लेकिन इससे दैनिक जीवन और कृषि कार्यों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें: किसानों के लिए मौसम अलर्ट, बारिश-ओलावृष्टि से फसलों को कैसे बचाएं

मौसम के इस बदले रूप के बीच सबसे ज्यादा चिंता किसानों के लिए है। देश के कई हिस्सों में इस समय गेहूं, सरसों, दलहन, सब्जियों और बागवानी फसलों की कटाई या अंतिम तैयारी का दौर चल रहा है। ऐसे में अचानक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। विशेष रूप से केला, पपीता, सब्जियां और नर्सरी जैसी फसलें तेज हवा और बारिश से अधिक प्रभावित हो सकती हैं।

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जहां फसल तैयार हो चुकी है, वहां जल्द कटाई कर उसे सुरक्षित स्थान पर रख लें। खेतों में पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाए रखने की भी सलाह दी गई है। सब्जियों, नर्सरी और बागवानी फसलों को प्लास्टिक शीट या जाल से ढकने की जरूरत बताई गई है। बागानों में छोटे और कमजोर पेड़ों को सहारा देने और गिरे हुए फलों को तुरंत हटाने की सलाह भी दी गई है।

तेज हवाओं, वज्रपात और ओलावृष्टि से केवल खेती ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन पर भी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं या बड़े पेड़ गिर सकते हैं। इससे बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो सकती हैं। कमजोर मकानों, झोपड़ियों और अस्थायी ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। खुले स्थानों पर खड़े वाहन, बिजली के खंभे और टीन शेड जैसी संरचनाएं भी तेज हवा से प्रभावित हो सकती हैं।

बिजली गिरने की घटनाएं इस मौसम में सबसे खतरनाक मानी जाती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों, खुले मैदानों में न रहें और मोबाइल चार्जिंग, बिजली के उपकरणों तथा धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे किसानों और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव यह भी दिखाता है कि अब जलवायु का स्वभाव पहले की तुलना में अधिक अनिश्चित और असंतुलित होता जा रहा है। एक ही समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में ठंड, बारिश, आंधी, बर्फबारी, उमस और तेज गर्मी जैसी स्थितियां बनना इस बदलाव का संकेत है। यही कारण है कि अब केवल सामान्य अनुमान के भरोसे रहने के बजाय लोगों को समय-समय पर मौसम विभाग की ताजा जानकारी लेते रहना चाहिए।

कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक आम लोगों और किसानों दोनों के लिए चुनौती बना रह सकता है। कहीं बारिश और बर्फबारी राहत दे रही है, तो कहीं तेज हवाएं और वज्रपात खतरा पैदा कर रहे हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें, मौसम के ताजा अलर्ट पर नजर रखें और खासकर किसान अपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *